“तुमसे मिली वो शाम”


🌇 पहली मुलाक़ात


शहर की सबसे व्यस्त सड़क पर,

एक शाम, भीड़ में रिया किसी को ढूँढ रही थी।

फोन उसके हाथ में था, हवा में बाल उड़ रहे थे,

और तभी किसी ने पीछे से कहा —


> “माफ़ करना, शायद ये तुम्हारा स्कार्फ है।”




वो अर्जुन था —

साफ़ सुथरे कपड़े, सुलझी मुस्कान और आँखों में सच्चाई।


रिया ने मुस्कुराकर कहा,


> “थैंक यू… आजकल कौन इतना ध्यान देता है?”




अर्जुन बोला,


> “शायद हर कोई नहीं… लेकिन कुछ नज़रें बस सही इंसान को पहचान लेती हैं।” 🌸





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☕ कॉफी और बातचीत


कुछ मिनटों की मुलाक़ात

काफी देर तक दिल में गूंजती रही।

रिया को लगा — वो अजनबी कुछ अलग था।


दो दिन बाद, वही अर्जुन फिर मिला —

कॉफी शॉप में, उसी सीट पर।


> “लगता है किस्मत दोबारा कोशिश कर रही है,”

रिया ने कहा।




> “तो इस बार इसे मौका दे देते हैं,”

अर्जुन ने जवाब दिया।




दोनों ने कॉफी मंगवाई —

और बातें यूँ चलीं जैसे बरसों से जानते हों। ☕💫



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🌧️ बारिश और एहसास


वो शाम बारिश से भीगी थी।

रिया अपनी स्कूटी के पास फँसी खड़ी थी,

अर्जुन ने छतरी उठाई और उसके पास आया।


> “चलो, मैं छोड़ देता हूँ… नहीं तो ठंडी लग जाएगी।”




रिया बोली,


> “और अगर बारिश में भीगना ही मंज़िल हो तो?”




अर्जुन ने मुस्कुराकर कहा,


> “तो फिर मैं भीगने को तैयार हूँ — तुम्हारे साथ।” ☔❤️





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🌙 धीरे-धीरे बढ़ता प्यार


अब हर शाम दोनों मिलते,

कॉफी, हँसी, और कुछ अनकहे लम्हों में दिन बीतने लगे।


अर्जुन ने एक दिन कहा,


> “कभी सोचा नहीं था कि किसी की हँसी

मेरे दिन की वजह बन जाएगी।”




रिया ने जवाब दिया,


> “और मैंने कभी सोचा नहीं था

कि किसी की नज़रें इतनी सच्ची हो सकती हैं।”





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✨ End Note:


> “कभी-कभी प्यार बड़े इकरार से नहीं,

बस एक बारिश,

एक कॉफी और एक मुस्कान से शुरू हो जाता है…” 💞☔


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