“जब कॉफी ने कहा – आई लव यू”
☕ हर सुबह वही कैफ़े, वही दो दिल
अब माया और आरव की सुबहें एक जैसी थीं —
एक कॉफी मग, एक मुस्कान, और ढेर सारी बातें।
माया को अब आरव की मौजूदगी में सुकून मिलता था,
और आरव के लिए, माया उसकी आदत बन चुकी थी।
एक दिन जब माया नहीं आई,
आरव पूरा दिन बेचैन रहा।
कॉफी ठंडी हो गई, लेकिन उसका इंतज़ार नहीं।
> “लगता है, आज कैफ़े भी अधूरा है…” उसने धीरे से कहा।
शाम को माया आई —
थोड़ी देर से, लेकिन वही प्यारी मुस्कान लिए।
> “सॉरी, मीटिंग लंबी हो गई।”
आरव मुस्कुराया,
> “बस सोच रहा था, क्या आज कॉफी भी तुम्हारे बिना उदास है।”
माया झेंप गई —
पहली बार उसने दिल की हलचल महसूस की। 💓
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🌙 एक शाम, जब दिल बोल पड़ा
शहर में सर्दियों की शुरुआत थी।
बाहर ठंडी हवा चल रही थी,
कैफ़े में बस हल्की रौशनी और कॉफी की महक थी।
माया ने आरव से पूछा,
> “कभी किसी से इतना जुड़ाव महसूस हुआ है कि
बिना कुछ कहे सब समझ आ जाए?”
आरव कुछ पल चुप रहा… फिर बोला,
> “हाँ, अभी हो रहा है।”
माया उसकी ओर देखने लगी —
वो पल जैसे थम गया।
आरव ने टेबल पर पड़े कप से कॉफी उठाई,
और कहा,
> “आज ये कॉफी तुम्हारे लिए…
क्योंकि इसमें लिखा है — I Love You.” ☕❤️
माया की आँखें चमक उठीं।
वो हल्के से मुस्कुराई, और बोली —
> “तो फिर, मैं भी इसी कॉफी का जवाब देती हूँ…
I Love You Too.” 💫
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🌹 उस रात के बाद
अब हर सुबह उनके लिए एक नया मौसम थी।
कॉफी अब “दो लोगों की कहानी” बन चुकी थी।
कभी माया आरव को नई किताबें गिफ्ट करती,
तो कभी आरव उसके लिए वही फूल लाता,
जो माया को पसंद थे — सफ़ेद गुलाब। 🌼
आरव बोला,
> “कभी सोचा नहीं था,
कि एक कैफ़े से शुरू हुई कहानी,
इतनी खूबसूरत बन जाएगी।”
माया ने कहा,
> “कभी सोचा नहीं था कि कोई मुझे यूँ देखेगा,
जैसे मैं उसकी पूरी दुनिया हूँ।”
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✨ End Note:
> “सच्चा प्यार कभी अचानक नहीं होता,
वो धीरे-धीरे एक आदत बन जाता है…
जैसे रोज़ की कॉफी,
जिसमें हर घूंट में किसी का नाम घुला हो।” ☕💞
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