“आर्यन की वापसी”

🌧️ सन्नाटा और एक आवाज़


छह महीने बीत चुके थे।

आर्यन अब नहीं रहा —

कम से कम सब यही मान चुके थे।


रिया ने खुद को काम में डुबो दिया था।

हर सुबह वो आर्यन की पुरानी घड़ी पहनती,

और हर रात वही सवाल दोहराती —


> “क्या सच में वो चला गया?”




एक शाम अचानक उसका फोन बजा।

स्क्रीन पर “Private Number” चमक रही थी।


रिया ने काँपते हुए कॉल उठाया —


> “हैलो?”




कुछ सेकंड तक सन्नाटा रहा…

फिर एक जानी-पहचानी आवाज़ आई —


> “रिया… भागो मत। मैं ज़िंदा हूँ।”




उसका दिल रुक गया।


> “आर्यन…? ये मज़ाक मत करो।”

“मज़ाक नहीं, सच्चाई है। लेकिन मैं वापस नहीं आ सकता… अभी नहीं।”





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🌙 Chapter 2: गुप्त कोड


अगले दिन रिया को एक पार्सल मिला।

अंदर एक पेन ड्राइव थी —

और एक चिट्ठी:


> “इसमें वो सच्चाई है,

जो हमारे बीच दीवार बन गई थी।”




रिया ने कंप्यूटर में पेन ड्राइव लगाई।

एक फाइल खुली —

उसमें वीडियो था:

आर्यन किसी लैब में बैठा था,

उसके पीछे कंप्यूटर स्क्रीन पर “Project Eden” लिखा था।


> “रिया, मैं किसी कंपनी में नहीं था…

मैं एक मिशन पर था।

उन्होंने मेरे नाम पर झूठे केस बनाए।

मैं ज़िंदा हूँ, लेकिन अगर मैं सामने आया…

तो तुम खतरे में पड़ जाओगी।”





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⚡ Chapter 3: जाल फिर से बिछा


रिया ने तय किया कि वो अब और नहीं डरेगी।

उसने उसी कंपनी का नाम ढूँढा — Eden Corp.

जो अब भी गुप्त प्रयोगों के लिए जानी जाती थी।


एक रात वो चुपके से उस बिल्डिंग में पहुँची।

पर वहाँ किसी को उसका इंतज़ार था।


> “काफी देर कर दी आने में, रिया।”

वो थी — निशा!




> “आर्यन को बचाना चाहती हो?

तो उसके खिलाफ गवाही दो।”


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रिया को कुछ समझ नहीं आया —


> “मतलब?”




> “वो अब हमारी टीम में नहीं है,

लेकिन उसके पास वो डेटा है जो हम चाहते हैं।”





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🌫️ Chapter 4: मुलाक़ात या धोखा


रिया को बेहोश कर दिया गया।

जब होश आया,

वो एक अँधेरे कमरे में थी —

सामने आर्यन खड़ा था।


> “रिया… मुझे माफ कर दो,

मुझे तुम्हें यहाँ नहीं लाना चाहिए था।”




> “तुम ज़िंदा हो… और छुपे क्यों रहे?”




आर्यन ने सिर झुका लिया,


> “क्योंकि अगर मैं लौटता…

तो वो तुम्हें खत्म कर देते।”




रिया ने उसकी आँखों में देखा —

प्यार था, पर साथ ही रहस्य भी।



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💔 Chapter 5: आख़िरी फैसला


आर्यन ने कहा,


> “मुझे वो डेटा नष्ट करना है।

लेकिन इसके बाद मैं शायद कभी लौट न सकूँ।”




रिया ने उसका हाथ थामा —


> “तुम्हें अकेला नहीं जाने दूँगी।”




फिर उन्होंने सर्वर रूम में जाकर पूरा सिस्टम उड़ा दिया।

धुएँ में सिर्फ दो परछाइयाँ दिख रही थीं —

रिया और आर्यन की।


पुलिस ने बाद में उस बिल्डिंग से दो नाम पाए —

“आर्यन मेहरा” और “रिया मल्होत्रा”

दोनों लापता बताए गए।



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🌅 Epilogue: पाँच साल बाद


पाँच साल बाद,

पेरिस के एक कैफ़े में एक जोड़ा बैठा था —

लड़की ने वही घड़ी पहनी थी जो आर्यन की थी।


वेटर ने पूछा,


> “आपका नाम क्या लिखूँ ऑर्डर पर, मैडम?”




वो मुस्कुराई —


> “रिया आर्यन।”




वेटर गया तो सामने बैठे आदमी ने कहा —


> “अब भी डरती हो कि कोई पहचान लेगा?”




रिया ने कहा,


> “अब डर नहीं लगता…

बस तुम्हें खोने का डर था — और वो भी अब नहीं है।” ❤️





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✨ End Note:


> “प्यार जब सच्चा हो,

तो मौत, दूरी, धोखा — कुछ भी उसे मिटा नहीं सकता।

वो 

बस रूप बदल लेता है…

जैसे आर्यन और रिया ने किया।” 🌙💞


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