“तुम मिले तो… सब बदल गया”
पहली मुलाकात
नीलम कॉलेज की लाइब्रेरी में किताबें पढ़ रही थी।
हर रोज़ वह यहाँ आती थी, लेकिन आज कुछ अलग था —
एक लड़का उसके पास आया, मुस्कुराते हुए:
> “ये किताब तुम्हारी है या मेरी?”
नीलम ने हँसकर कहा —
> “शायद हमारी हो सकती है।”
उसकी मुस्कान में कुछ खास था,
जो नीलम के दिल को छू गया।
लड़के का नाम था आर्यन।
धीरे-धीरे उनकी बातचीत बढ़ी।
कभी नोट्स में, कभी ग्रुप प्रोजेक्ट्स में,
और हर मुलाकात उनके दिलों को और करीब लाती गई।
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🌅 Part 2: एहसासों की बारिश
एक दिन बारिश शुरू हो गई।
नीलम बारिश में भीगने लगी, और आर्यन ने तुरंत अपनी जैकेट उतारकर उसे ढक लिया।
> “तुम भीगोगी, तब मुझे ठंड लग जाएगी।”
नीलम ने सिर झुकाया और मुस्कुराई।
उस पल उनके दिलों में कुछ बदल रहा था —
वो एहसास जो सिर्फ पहली नज़र में महसूस होता है।
बारिश के उस लम्हे ने उन्हें जोड़ दिया,
और उनके बीच एक छुपा हुआ प्यार पलने लगा।
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💬 Part 3: इज़हार
कुछ हफ्तों बाद, आर्यन ने नीलम को छत पर बुलाया।
सूरज ढल रहा था, हवा में हल्की ठंडी ठंडक थी।
> “नीलम… मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ।
तुम्हारे बिना अब हर दिन अधूरा लगता है।”
नीलम की आँखें चमक उठीं।
> “और मैं भी… तुम्हारे बिना खुद को पूरा नहीं समझती।”
उस शाम दोनों ने पहला इज़हार किया।
बारिश वाली पहली मुलाकात ने अब एक सच्चे प्यार में बदल लिया।
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✨ End of Part 1
> “कभी कभी प्यार अचानक नहीं आता,
वह धीरे-धीरे दिल के पास आता है…
और एक दिन तुम्हें पता चलता है कि तुम्हारे बिना ज़िंदगी अधूरी है।”
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