“तेरी मुस्कान में मेरा सुकून”
🌇 Chapter 1: पहली मुलाक़ात
कॉलेज का पहला दिन था।
सब अपने-अपने ग्रुप्स में व्यस्त थे,
लेकिन आरव की नज़र जैसे किसी को ढूंढ रही थी।
तभी एक लड़की हल्के नीले कुर्ते में आई —
हवा में उसके बाल उड़े, और चेहरे पर वो मासूम मुस्कान।
> “हाय, मैं अनाया…”
“आरव,” उसने थोड़ा हिचकते हुए जवाब दिया।
उस दिन कुछ नहीं हुआ —
बस एक मुस्कान ने दिल की धड़कनें बदल दीं। 💞
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🌼 Chapter 2: दोस्ती के बहाने
क्लास प्रोजेक्ट के बहाने बातें शुरू हुईं।
कॉफी, नोट्स, और छोटी-छोटी हँसी…
धीरे-धीरे दोस्ती गहरी होने लगी।
अनाया हर बात पर हँसती थी,
और आरव हर बार उसे देखकर मुस्कुरा देता।
एक दिन रिया ने पूछा,
> “तुम इतना क्यों मुस्कुराते हो जब वो पास होती है?”
आरव ने कहा,
> “क्योंकि उसकी मुस्कान में मुझे सुकून मिलता है…” ☀️
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🌧️ Chapter 3: एहसास का पहला पल
बारिश का दिन था —
कॉलेज कैंपस खाली, और दोनों लाइब्रेरी के बाहर बैठे थे।
अनाया ने कहा,
> “मुझे बारिश से डर लगता है।”
आरव ने धीरे से छाता उसके ऊपर कर दिया।
> “अब डर नहीं लगेगा, क्योंकि मैं साथ हूँ।”
उस पल कुछ नहीं कहा गया —
बस प्यार पहली बार महसूस हुआ। ❤️
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🌙 Chapter 4: पहली दूरी
फाइनल एग्ज़ाम्स के बाद अनाया को
दूसरे शहर जाना पड़ा।
हर दिन का कॉल, हर रात का “गुड नाइट”,
धीरे-धीरे खामोशी में बदलने लगा।
एक शाम आरव ने मैसेज किया —
> “तेरे बिना दिन अधूरा लगता है…”
लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
सिर्फ एक “seen” और लंबा इंतज़ार।
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🌅 Chapter 5: वापसी और इकरार
दो महीने बाद,
कॉलेज का फेयरवेल डे आया।
आरव वहीं खड़ा था,
जब पीछे से एक आवाज़ आई —
> “तुम्हारे बिना मेरी मुस्कान अधूरी थी…”
वो अनाया थी — वही मुस्कान, वही सुकून।
दोनों की आँखें नम थीं,
लेकिन दिलों में सिर्फ प्यार था।
आरव ने कहा,
> “अब डर नहीं, दूरियाँ नहीं… बस तुम और मैं।” 💍
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✨ End Note:
> “कभी-कभी किसी की मुस्कान ही हमारी दुनिया बन जाती है।
और जब वो मुस्कान लौट आए,
तो ज़िंदगी फिर से खूबसूरत लगने लगती है…” 🌸
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