“जब दिल ने कहा फिर मिलेंगे”
🌆 पहली दूरी, पहला इंतजार
कुछ हफ्तों तक अर्जुन और रिया हर शाम मिलते रहे।
कॉफी की खुशबू, बारिश की हल्की ठंडक,
और दोनों की हँसी — हर दिन खास बन गया।
लेकिन एक दिन, अर्जुन को ऑफिस के नए प्रोजेक्ट के लिए
मुंबई जाना पड़ा।
रिया ने फोन पर कहा,
> “तो अब हमारी शामें कैसी होंगी?”
अर्जुन बोला,
> “वो शामें हमेशा रहेंगी… बस थोड़ी दूर से।”
उस दिन से दोनों के बीच फोन कॉल्स और मैसेजेस का सिलसिला शुरू हुआ।
लेकिन हर दूरी प्यार के लिए चुनौती बनती जा रही थी। 💌
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🌦️ पहली खामोशी
दूरी के दिनों में,
कभी कॉल नहीं उठना, कभी देर से मैसेज,
रिया के दिल में हल्की चिंता पैदा हो गई।
> “क्या वह अब उतना सोचता भी है?”
उसने खुद से पूछा।
अर्जुन भी वही सोच रहा था,
> “कभी-कभी काम इतना हो जाता है कि
मैं उसका इंतजार सही तरीके से नहीं कर पाता।”
लेकिन हर एक नज़र, हर याद
उन्हें फिर से करीब लाने के लिए तैयार थी।
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🌹 एक नई मुलाक़ात की उम्मीद
तीन महीने बाद, अर्जुन अचानक रिया से मिलने आया।
वो वही पार्क था — जहाँ पहली बार बारिश में खड़ा हुआ था।
> “मिलने आए हो?”
रिया ने हल्की हँसी के साथ पूछा।
> “मैंने तय कर लिया है —
जो भी हो, तुम्हारे बिना ये शहर अधूरा है।”
उस पल, दोनों की खामोशी
अब प्यार की नई शुरुआत में बदल गई। 🌟
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🌙 बारिश और पहला इकरार
बारिश की बूंदों में,
अर्जुन ने रिया का हाथ थामा और कहा —
> “रुक जाओ… अब मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ।”
रिया ने धीरे सिर झुकाया।
अर्जुन ने कहा,
> “इन तीन महीनों में मुझे एहसास हुआ…
मैं तुम्हारे बिना रह नहीं सकता।”
रिया मुस्कुराई और बोली —
> “तो अब हम साथ हैं,
चाहे बारिश हो या धूप।” ☔❤️
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✨ End Note:
> “कभी-कभी दूरी प्यार की परीक्षा लेती है,
और वही दूरी, दिलों को और करीब लाती है…” 💞
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